रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में ऐतिहासिक और निर्णायक जीत दिलाने वाले भारतीय सशस्त्र बलों को राष्ट्र की ओर से नमन किया। उन्होंने कहा कि यह युद्ध भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के अद्वितीय साहस, रणनीतिक कुशलता और बलिदान का प्रतीक है, जिसने न केवल देश की सीमाओं की रक्षा की बल्कि दक्षिण एशिया के इतिहास की दिशा भी बदल दी।
राजनाथ सिंह ने कहा कि 1971 की जीत ने यह सिद्ध कर दिया कि जब राष्ट्र एकजुट होता है तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं रहती। उन्होंने पूर्व सैनिकों और शहीदों के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि आज का भारत उनकी वीरता और समर्पण की नींव पर खड़ा है। यह युद्ध भारत की सैन्य क्षमता और मानवीय मूल्यों का भी प्रतीक रहा, जिसने करोड़ों लोगों को न्याय दिलाया।
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रक्षा मंत्री ने युवाओं से सशस्त्र बलों के शौर्य से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार देश की रक्षा को और मजबूत करने के लिए सशस्त्र बलों को हर संभव संसाधन और समर्थन देती रहेगी।


