नई दिल्ली, 30 नवंबर 2025 — आज के अपने रेडियो संबोधन मन की बात में नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देशवासियों से अपील की कि वे “वोकल फॉर लोकल (Vocal for Local)” के मंत्र को अपनाएँ। उन्होंने कहा कि देश भर में स्वदेशी उत्पादों का उपयोग और देश के छोटे-बड़े व्यवसायों का सपोर्ट अब और ज़रूरी हो गया है।
पीएम मोदी ने कहा कि विदेशी उत्पादों पर निर्भरता कम करके, अगर हम घरेलू उद्योगों, कारीगरों और स्थानीय कारोबारों को बढ़ावा दें — तो देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि खरीदारी करते समय “लोकल” ब्रांड्स और उत्पादों को प्राथमिकता दें, क्योंकि इससे लाखों छोटे व्यवसायों, कारखानों, और कारीगरों को सीधा लाभ मिलेगा।इसके साथ ही, मोदी ने यह भी कहा कि “वोकल फॉर लोकल” सिर्फ आर्थिक लक्ष्य नहीं, बल्कि देशभक्ति और आत्मनिर्भरता (self-reliance) की भावना को मजबूत करने का मंत्र है।
लोकल उत्पादों की डिमांड बढ़ने से छोटे-छोटे उद्योग, MSME सेक्टर, और ग्रामीण कारीगरों का उत्पन्न ठीक रहेगा — जिससे रोजगार सृजन होगा।इससे भारत की आयात निर्भरता घटेगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी, और घरेलू उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।उपभोक्ताओं के लिए भी — लोकल उत्पाद सस्ता, सुविधाजनक और देश की जरूरतों के अनुसार फिट होते हैं।साथ ही, इस तरह की पहल से “स्वदेशी का गौरव” बढ़ेगा, और लोगों में गर्व व जुड़ाव की भावना जागृत होगी।
स्थानीय बाजार, कारीगर, छोटे दुकानदारों से समान खरीदें — बजाए बड़े मल्टीनेशनल ब्रांड्स के।भारतीय ब्रांड्स का सहारा लें — चाहे कपड़े हों, घरेलू सामान हों या रोजमर्रा की चीजें।यदि किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह हो — तो पहले लोकल ब्रांड्स को एक मौका दें।साथ ही — स्थानीय समुदाय, कारीगरों और रोजगारकर्ताओं का समर्थन करें — जिससे उनके काम में स्थिरता आए।


