पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा है कि भारतीय सेना किसी राजनीतिक दल की नहीं बल्कि पूरे देश की सेना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सेना का मूल उद्देश्य राष्ट्र की सुरक्षा और सेवा है, इसलिए सैनिकों को हमेशा पेशेवर और निष्पक्ष रहना चाहिए। उनका यह बयान सेना की निष्पक्षता और अनुशासन को लेकर एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
जनरल नरवणे ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि सेना की ताकत उसकी एकता, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण में है। उन्होंने सैनिकों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते रहें तथा किसी भी तरह की राजनीतिक बहस या विवाद से दूर रहें।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सेना की प्रतिष्ठा दशकों की मेहनत और बलिदान से बनी है, जिसे बनाए रखना हर सैनिक की जिम्मेदारी है। उनके इस बयान को सेना की पेशेवर परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने वाला संदेश माना जा रहा है।


