हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा है कि कई रसूखदार लोग नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं, जबकि प्रशासन इन पर कोई प्रभावी कार्रवाई करने में असहाय दिखाई दे रहा है। मामला तब और गंभीर हुआ जब BMO (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) ने राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर स्टंट करते हुए अपने जन्मदिन का जश्न मनाया, जिससे यातायात और सुरक्षा दोनों प्रभावित हुए।
कोर्ट ने इस मामले में राज्य के चीफ सेक्रेट्री से शपथ-पत्र मांगते हुए पूछा कि प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन पर क्या कार्रवाई की और आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। अदालत ने स्पष्ट किया कि नियमों की धज्जियां उड़ाना केवल कानूनी दृष्टि से नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि NH जैसे प्रमुख मार्ग पर स्टंट और जश्न मनाने की घटनाएं गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं। हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य सरकार ऐसे अधिकारियों और व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई करे जो अपनी पदवी या रसूख का दुरुपयोग कर कानून को चुनौती दे रहे हैं।
अदालत ने प्रशासन को चेतावनी दी कि सड़कों पर कानून और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, और इसे नजरअंदाज करना राज्य और जनता दोनों के लिए खतरे का कारण बन सकता है।
सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि शपथ-पत्र में सभी कार्रवाई और सुधारात्मक कदमों का विवरण हाईकोर्ट को जल्द प्रस्तुत किया जाएगा।


