दिल्लीवासियों का लंबे समय से देखा गया सपना अब हकीकत बनने जा रहा है। यमुना नदी को पर्यटन के नए हॉटस्पॉट के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। इसी कड़ी में राजधानी में पहली बार रिवर क्रूज़ सर्विस शुरू होने जा रही है, जिसका रूट और प्रारंभिक खाका तय किया जा चुका है।
कैसा होगा यमुना क्रूज़ का रूट?
सूत्रों के अनुसार, क्रूज़ का प्राथमिक रूट सिग्नेचर ब्रिज के पास से शुरू होकर निम्नलिखित प्रमुख स्थानों से गुजरेगा:
- सिग्नेचर ब्रिज (Wazirabad)
- कश्मीरी गेट – यमुना रिवरफ्रंट
- ओल्ड यमुना ब्रिज (लोहे का पुल)
- सुप्रीम कोर्ट–ITO बैराज क्षेत्र
- मयूर विहार–अक्षरधाम जलमार्ग कॉरिडोर
यह रूट न सिर्फ राजधानी के ऐतिहासिक और आधुनिक स्थलों को जोड़ता है, बल्कि यमुना के किनारों को एक नए मॉडल के रूप में विकसित करने का भी अवसर देगा।
पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
इस क्रूज़ प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य दिल्ली को एक रिवरसाइड टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है।
- इसमें डे क्रूज़,
- सनसेट क्रूज़,
- और विशेष त्योहार/इवेंट आधारित क्रूज़
की योजना भी शामिल है।
इसके जरिए दिल्ली आने वाले देश और विदेश के पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण तैयार होगा।
कैसा होगा क्रूज़ अनुभव?
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यमुना क्रूज़ में यात्रियों को मिलेगा:
- नदी के बीच से दिल्ली के खूबसूरत व्यू
- ऑनबोर्ड कैफेटेरिया
- गाइडेड टूर की सुविधा
- पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड बोट्स
- सुरक्षा और मॉनिटरिंग सिस्टम
यह क्रूज़ लो-कंपन और लो-नॉइज़ टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा ताकि नदी की पारिस्थितिकी पर असर न पड़े।
कब से शुरू हो सकती है सर्विस?
अधिकारियों ने बताया है कि
- बुनियादी ढांचा तैयार होने के अंतिम चरण में है
- रूट सर्वे और जल-गहराई परीक्षण भी पूरे किए जा रहे हैं
- अनुमति और सुरक्षा प्रमाणन के बाद शुरुआती पायलट क्रूज़ रन शुरू किया जाएगा
उम्मीद है कि पहली सार्वजनिक क्रूज़ सेवा आउटिंग सीज़न की शुरुआत के साथ ही उपलब्ध हो सकती है।
क्यों है यह प्रोजेक्ट खास?
- दिल्ली को मिलेगा पहला रिवर टूरिज्म मॉडल
- यमुना के किनारे विकसित होंगे रिवरफ्रंट
- रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि
- शहर के प्रदूषण और ट्रैफिक बोझ से अलग एक शांत पर्यटन विकल्प


