देशभर में फरवरी महीने में ही गर्मी ने दस्तक दे दी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक 27 प्रमुख शहरों में तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया है, जिससे मौसम का मिजाज समय से पहले बदला हुआ नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो इस समय के औसत से ज्यादा है। मौसम विभाग के अनुसार यदि यह रुझान जारी रहा तो मार्च-अप्रैल में गर्मी और तीखी हो सकती है।
अचानक बढ़ती गर्मी का सबसे ज्यादा असर रबी की फसलों पर पड़ सकता है। गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलें इस समय पकने की अवस्था में हैं और अधिक तापमान से उनकी पैदावार प्रभावित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सिंचाई और फसल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
जलवायु परिवर्तन और मौसम के अनियमित पैटर्न को इस बदलाव की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। अगर तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा, तो न केवल कृषि बल्कि बिजली मांग और जल संसाधनों पर भी दबाव बढ़ सकता है। आने वाले हफ्तों में मौसम की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी।


