दुर्ग : जिले के बोरई स्थित जवाहर नवोदय स्कूल में मोबाइल रखने पर 2 टीचरों ने स्टूडेंट की पिटाई कर दी। स्कूल में मोबाइल लाने की अनुमति नहीं थी, लेकिन 10वीं 12वीं के कुछ स्टूडेंट छुपाकर फोन इस्तेमाल कर रहे थे। जिसके बाद नाराज टीचरों ने उन्हें लात, डंडे, हाथ-मुक्के से मारा। मामला पुलगांव थाना क्षेत्र का है। 24 फरवरी को 9 पीड़ित स्टूडेंट अपने पेरेंट्स के साथ थाने पहुंचे। शिकायत में बताया कि मारपीट में एक छात्र की आंखे लाल हो गई थी, एक छात्र के कान से ब्लड निकल आया। वहीं, एक अन्य छात्र ने आरोप लगाया कि उसे प्राइवेट पार्ट पर लात मारा गया, जिसके बाद उसे दर्द और सूजन की शिकायत हुई है।
ये पूरी घटना स्कूल परिसर में लगे CCTV में कैद हो गई। जिसके आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया। वहीं DEO ने दोनों को सस्पेंड कर दिया है। हालांकि CCTV फूटेज सार्वजनिक नहीं किया गया है।दरअसल, बोरई स्थित जवाहर नवोदय स्कूल में 8वीं से 12वीं तक के छात्र अध्यनरत है। स्कूल में आवासीय परिसर भी है। जहां बाहर से आए बच्चे रहकर पढ़ाई करते हैं। छात्रों के अनुसार, 21 फरवरी शनिवार की सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे के बीच मोबाइल अपने पास रखने की बात को लेकर उसे पहले प्रिंसिपल ऑफिस में मोबाइल जमा कराने को कहा गया।
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इसके बाद वाइस प्रिंसिपल के केबिन में बुलाकर लकड़ी के डंडे, हाथ-मुक्के और लात से मारपीट की गई। पीड़ित स्टूडेंट्स ने अगले दिन 22 फरवरी को अपने घर पर कॉल कर पूरी घटनाक्रम की जानकारी दी। 24 फरवरी को पीड़ित छात्र और उनके परिजन पुलगांव थाने पहुंचे। उन्होंने शिक्षक पीयूष कुमार और पीटी टीचर रविशंकर मंडलोई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पिता डोमन देशलहरा ने पुलिस को बताया कि बेटे ने कॉल पर कहा कि मोबाइल रखने की बात पर उसे और उसके साथियों को वाइस प्रिंसिपल के कमरे में बुलाकर बेरहमी से मारपीट की गई है।


