देशभर में टैक्स चोरी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें करीब 1.77 लाख बिरयानी और फूड रेस्टोरेंट शामिल बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डेटा एनालिटिक्स की मदद से संदिग्ध लेनदेन और जीएसटी रिटर्न में गड़बड़ियों की पहचान की। शुरुआती आकलन के मुताबिक करीब 70 हजार करोड़ रुपये की काली कमाई का पता चला है, जिसे कथित तौर पर टैक्स से बचाने के लिए छिपाया गया।
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सूत्रों के अनुसार, एआई सिस्टम ने डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड, जीएसटी फाइलिंग, सप्लाई चेन डेटा और बैंक ट्रांजैक्शन का मिलान कर बड़े पैमाने पर विसंगतियां उजागर कीं। कई रेस्टोरेंट्स ने वास्तविक बिक्री से कम टर्नओवर दिखाया, जबकि ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के आंकड़ों से उनकी असली कमाई का खुलासा हुआ। अब संबंधित विभागों ने नोटिस जारी कर वसूली और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में टैक्स चोरी पर नकेल कसने के लिए एआई तकनीक अहम भूमिका निभाएगी।


