छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राजधानी रायपुर में तेलीबांधा तालाब परिसर से ‘स्वदेशी संकल्प यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि स्वदेशी वस्तुओं और स्थानीय उद्योगों को अपनाने से राज्य को आत्मनिर्भर बनने का मार्ग मिलेगा। यह पहल प्रदेशवासियों को यह संदेश दे रही है कि विकास और आत्मगौरव के लिए विदेशों पर निर्भरता छोड़कर अपने खेत, कारखाने और कुटीर उद्योगों को समर्थन देना चाहिए।
22 दिन चलेगा जागरूकता अभियान
स्वदेशी संकल्प यात्रा के तहत अगले 22 दिन प्रदेशभर में जागरूकता और प्रचार-प्रसार का काम किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न रैलियों, सभाओं और स्थानीय कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया जाएगा कि वे स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें। अरुण साव ने कहा कि इस लड़ाई में सिर्फ सरकार नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है — तभी छत्तीसगढ़ और भारत दोनों आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
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स्वदेशी अपनाने से समाज और अर्थव्यवस्था को फायदा
इस पहल का मकसद केवल वस्तु-उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे छत्तीसगढ़ के कारीगरों, कुटीर उद्योगों और छोटे व्यापारियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। स्वदेशी वस्तुओं की मांग बढ़ने से रोजगार के अवसर सुदृढ़ होंगे और आर्थिक सुदृढ़ता आएगी। अरुण साव ने उम्मीद जताई कि स्वदेशी की इस मुहिम से न सिर्फ राज्य बल्कि पूरा देश आगे बढ़ेगा और विकास की रफ्तार तेज होगी।


