देश में इस साल सरसों उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है। कृषि आंकड़ों के अनुसार, सरसों का कुल उत्पादन बढ़कर करीब 119.4 लाख टन तक पहुंच सकता है। बेहतर मौसम, उन्नत बीजों और किसानों की बढ़ती दिलचस्पी को इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण माना जा रहा है।
राज्यवार आंकड़ों में Rajasthan सबसे आगे है, जहां सरसों की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है और इस साल भी रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद है। वहीं Uttar Pradesh दूसरे स्थान पर बना हुआ है। दोनों राज्यों का योगदान देश के कुल सरसों उत्पादन में अहम माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्पादन बढ़ने से खाद्य तेलों की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है और आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी। साथ ही किसानों की आय बढ़ने और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है।


