महंगाई भत्ते (DA) को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए Supreme Court of India ने राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि महंगाई भत्ता महंगाई के प्रभाव को संतुलित करने के लिए दिया जाता है, इसलिए इसका लाभ दोनों वर्गों को समान रूप से मिलना चाहिए।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि पेंशनभोगी भी राज्य की सेवा कर चुके हैं और उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलना जरूरी है। ऐसे में महंगाई भत्ते में अंतर करना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता। अदालत ने राज्यों से इस मामले में उचित नीति अपनाने और समानता सुनिश्चित करने को कहा है।
इस फैसले को लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भविष्य में राज्यों की वेतन और पेंशन नीतियों में समानता और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।


