देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि देश में ICU सुविधाओं के लिए एक समान मानक होना बेहद जरूरी है, ताकि हर मरीज को बेहतर और सुरक्षित इलाज मिल सके। कोर्ट ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तीन हफ्तों के भीतर ठोस एक्शन प्लान पेश करने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि अलग-अलग राज्यों में ICU सुविधाओं और संसाधनों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि जीवनरक्षक सुविधाओं के मामले में कोई समझौता नहीं होना चाहिए और पूरे देश में न्यूनतम मानकों का पालन अनिवार्य किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से समन्वय के साथ काम करने को कहा है, ताकि स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाया जा सके। माना जा रहा है कि अदालत के इस निर्देश से देश में ICU सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठेगा।


