देश की सर्वोच्च अदालत Supreme Court of India ने कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी से लंबे समय तक लगातार काम लिया गया है, तो उसकी नौकरी को स्थायी माना जाएगा। यह फैसला अस्थायी और अनुबंध पर काम कर रहे लाखों कर्मचारियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि नियोक्ता लंबे समय तक कर्मचारियों से सेवा लेने के बाद उन्हें अस्थायी बताकर उनके अधिकारों से वंचित नहीं कर सकते। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों के समान लाभ और सुरक्षा मिलनी चाहिए। यह फैसला श्रमिक अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों पर पड़ेगा। इससे उन कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिलेगा, जो वर्षों से अस्थायी या संविदा पर काम कर रहे हैं और स्थायी दर्जे की मांग कर रहे थे।


