नई दिल्ली। देश में गन्ने की पैदावार में कमी आने की आशंका जताई जा रही है, जिसका सीधा असर चीनी उत्पादन पर पड़ सकता है। कई प्रमुख उत्पादक राज्यों में अत्यधिक और असमय बारिश के कारण फसल को नुकसान हुआ है। खेतों में जलभराव और रोगों के बढ़ते प्रकोप ने गन्ने की गुणवत्ता और उपज दोनों को प्रभावित किया है।
उद्योग सूत्रों के मुताबिक, इस सीजन में चीनी मिलों को अपेक्षित मात्रा में गन्ना नहीं मिल पा रहा है, जिससे कुल उत्पादन में गिरावट संभव है। यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो घरेलू आपूर्ति और कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर निर्यात नीति या भंडारण संबंधी कदम उठा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बढ़ती अनिश्चितता कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। आने वाले हफ्तों में बारिश की स्थिति और फसल की रिकवरी पर निर्भर करेगा कि चीनी उत्पादन में गिरावट कितनी गंभीर होगी।


