भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच टॉप 10 वैल्यूएशन वाली कंपनियों में से छह का संयुक्त मार्केट कैप करीब 65 हजार करोड़ रुपये घट गया। इस गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान Bharti Airtel को हुआ, जिसकी बाजार पूंजी में सबसे बड़ी कमी दर्ज की गई। बाजार में कमजोरी की वजह से निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा और कई बड़ी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे।
विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता, ब्याज दरों को लेकर चिंता और निवेशकों की सतर्कता इस गिरावट की प्रमुख वजह रही। आईटी, बैंकिंग और टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली, जिससे कुल मार्केट कैप पर असर पड़ा। विश्लेषकों का मानना है कि हालिया तेजी के बाद बाजार में मुनाफावसूली भी इस गिरावट का कारण बनी।
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हालांकि जानकारों का कहना है कि India का बाजार लंबे समय में मजबूत बना हुआ है और यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे घबराने के बजाय लंबी अवधि के नजरिये के साथ निवेश बनाए रखें।


