दुनिया भर में स्मार्टफोन कंपनियों के लिए सप्लाई चेन संकट गहराता जा रहा है। चिपसेट की कमी से जूझ रही इंडस्ट्री को अब कैमरा मॉड्यूल, डिस्प्ले पैनल और बैटरी जैसे अहम पुर्जों की कमी का भी सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन जरूरी कंपोनेंट्स की सप्लाई प्रभावित होने से आने वाले महीनों में स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक लॉजिस्टिक्स लागत, कच्चे माल की महंगाई और उत्पादन में देरी ने कंपनियों की लागत बढ़ा दी है। कंपनियां लंबे समय तक बढ़ी हुई लागत खुद वहन नहीं कर सकतीं, इसलिए इसका बोझ ग्राहकों पर डाला जा सकता है। इससे बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन सेगमेंट पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है।
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भारत जैसे बड़े स्मार्टफोन बाजार में भी कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। अगर सप्लाई में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में नए लॉन्च होने वाले फोन महंगे हो सकते हैं और मौजूदा मॉडल्स की कीमतों में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।


