भारत तेजी से वैश्विक स्मार्टफोन विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है। देश का स्मार्टफोन निर्यात 30 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है, जो ‘मेक इन इंडिया’ और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं की बड़ी सफलता माना जा रहा है। उद्योग आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत में करीब 30 करोड़ मोबाइल फोन के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें बड़ी हिस्सेदारी निर्यात के लिए होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक कंपनियों ने चीन के विकल्प के रूप में भारत को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है। बेहतर बुनियादी ढांचा, कुशल श्रमबल और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं ने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को नई रफ्तार दी है। इससे न केवल विदेशी निवेश बढ़ा है, बल्कि लाखों रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। आने वाले वर्षों में भारत का लक्ष्य वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी और मजबूत करना है।


