SIPRI की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत का रक्षा खर्च साल 2025 में 8.9 फीसदी बढ़कर दुनिया में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। रिपोर्ट में बताया गया कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के कारण कई देशों ने अपने सैन्य बजट में बढ़ोतरी की है। इस सूची में अमेरिका, चीन, रूस और जर्मनी के बाद भारत का स्थान रहा।
रिपोर्ट के अनुसार भारत ने अपनी सैन्य क्षमता मजबूत करने, सीमा सुरक्षा बढ़ाने और आधुनिक हथियारों की खरीद पर खास जोर दिया है। स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने और नई तकनीकों में निवेश भी रक्षा बजट में वृद्धि की अहम वजह बताई गई है। खासतौर पर इंडियन आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के आधुनिकीकरण के लिए बड़े पैमाने पर खर्च किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और बदलते वैश्विक माहौल के बीच भारत का बढ़ता रक्षा खर्च उसकी रणनीतिक प्राथमिकताओं को दर्शाता है। आने वाले वर्षों में भी रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे भारत की सैन्य ताकत और वैश्विक भूमिका और मजबूत हो सकती है।


