सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) आज के समय में निवेश का एक लोकप्रिय और प्रभावी तरीका बन चुका है। नियमित अंतराल पर छोटी-छोटी रकम निवेश कर निवेशक लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। खास बात यह है कि SIP बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच औसत लागत (रुपी कॉस्ट एवरेजिंग) का लाभ देता है, जिससे गिरावट के समय ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं और लंबे समय में बेहतर रिटर्न की संभावना बढ़ती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि निवेशक घर खरीदना, बच्चों की शिक्षा, रिटायरमेंट या किसी अन्य वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखकर SIP शुरू करते हैं तो वे ज्यादा अनुशासित तरीके से निवेश कर पाते हैं। लक्ष्य आधारित निवेश से समय सीमा तय होती है और जोखिम प्रोफाइल के अनुसार सही म्यूचुअल फंड चुनना आसान हो जाता है। लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा निवेश को तेजी से बढ़ाने में मदद करता है।
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बाजार में अस्थिरता के दौरान घबराने के बजाय नियमित SIP जारी रखना समझदारी मानी जाती है। वित्तीय सलाहकारों के अनुसार, सही योजना, धैर्य और समय पर निवेश की समीक्षा से SIP के जरिए मजबूत और सुरक्षित भविष्य बनाया जा सकता है।


