दिल्ली विधानसभा में सिख गुरु पर की गई टिप्पणी को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रहे हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा हालात में सदन का विधायी कामकाज जारी रखना असंभव हो गया है। उन्होंने बताया कि विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है।
विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से संयम बरतने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन व्यक्तिगत या धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर असंसदीय आचरण स्वीकार्य नहीं है। अध्यक्ष के अनुसार, सदन का उद्देश्य जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना है, जिसे हंगामे के कारण पूरा नहीं किया जा पा रहा।
इस बीच, सिख संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से भी बयान सामने आ रहे हैं। कई संगठनों ने विवादित टिप्पणी की निंदा करते हुए माफी की मांग की है। वहीं, राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए हैं, जिससे दिल्ली विधानसभा का सियासी माहौल और गरमा गया है।


