कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की तारीफ कर राजनीतिक हलचल मचा दी है। थरूर ने कहा कि एक नेता की लंबी सेवा को केवल एक घटना के आधार पर नहीं आँका जा सकता — उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है।
थरूर ने क्या कहा?
दिल्ली में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए शशि थरूर ने कहा — “आडवाणी जी ने भारत की राजनीति और लोकतंत्र में एक बड़ा योगदान दिया है। किसी भी नेता की दशकों लंबी सेवा को केवल एक विवाद या घटना से जज करना उचित नहीं होगा।” उन्होंने कहा कि आडवाणी ने भारतीय राजनीति में वैचारिक बहस और लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत किया, और कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने।
राजनीतिक विचारधारा पर उठा सवाल
थरूर के इस बयान के बाद, कांग्रेस और भाजपा दोनों ही खेमों में हलचल मच गई है। कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि थरूर विपक्षी नेता होते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता की तारीफ क्यों कर रहे हैं, जबकि भाजपा नेताओं ने इस बयान को “राजनीतिक परिपक्वता” बताया। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शशि थरूर का यह बयान “आदर्शवाद बनाम दलगत राजनीति” की नई बहस छेड़ता है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ
थरूर का बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर #TharoorOnAdvani ट्रेंड करने लगा। कुछ यूज़र्स ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि “थरूर ने राजनीतिक शालीनता की मिसाल पेश की”, वहीं कुछ ने इसे “कांग्रेस की विचारधारा से भटकाव” बताया।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “आडवाणी जी के योगदान को हर दल का नेता स्वीकार करता है। यह देश के लोकतंत्र की खूबसूरती है कि विरोधी विचारधारा के नेता भी एक-दूसरे के योगदान को मान्यता देते हैं।”


