देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि मार्च में धीमी पड़ गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सर्विसेज PMI घटकर 57.5 पर पहुंच गया, जो पिछले 14 महीनों में सबसे कमजोर वृद्धि को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लागत बढ़ने, मांग में नरमी और वैश्विक अनिश्चितताओं का असर सेवा क्षेत्र की रफ्तार पर पड़ा है।
PMI यानी परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स 50 से ऊपर रहने पर वृद्धि और 50 से नीचे रहने पर गिरावट का संकेत देता है। हालांकि सूचकांक अभी भी 50 से ऊपर है, जिससे यह साफ है कि सेवा क्षेत्र में विस्तार जारी है, लेकिन गति पहले की तुलना में धीमी हो गई है।
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विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में वैश्विक हालात, महंगाई और मांग की स्थिति के आधार पर सेवा क्षेत्र की दिशा तय होगी। यदि आर्थिक परिस्थितियां बेहतर रहती हैं तो सेवा क्षेत्र में फिर से मजबूती देखने को मिल सकती है।


