Subrahmanyam Jaishankar ने वैश्विक तनाव और बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में कोई भी देश खुद को सर्वोच्च ताकत नहीं कह सकता। उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था तेजी से बदल रही है और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए देशों के बीच सहयोग और संतुलन बेहद जरूरी है।
विदेश मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में बहुध्रुवीय (मल्टीपोलर) विश्व व्यवस्था उभर रही है, जहां कई देश वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में किसी एक देश का प्रभुत्व स्थापित करना संभव नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए आपसी सम्मान और सहयोग की भावना जरूरी है।
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जयशंकर के इस बयान को अंतरराष्ट्रीय राजनीति के मौजूदा माहौल के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत लगातार संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति पर जोर दे रहा है, जिससे वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका और प्रभाव दोनों मजबूत हो रहे हैं।


