भारतीय मुद्रा में मजबूती देखने को मिली है और डॉलर के मुकाबले रुपया 128 पैसे चढ़कर मजबूत हुआ है। हालिया गिरावट के बाद यह तेजी बाजार के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है। विदेशी मुद्रा बाजार के जानकारों के अनुसार केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप और सख्त नीतिगत कदमों का असर अब साफ दिखाई देने लगा है।
Reserve Bank of India ने हाल के दिनों में डॉलर की मांग को नियंत्रित करने और बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए कई उपाय किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेश में सुधार, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजार से सकारात्मक संकेतों ने भी रुपये को सहारा दिया है।
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विश्लेषकों के मुताबिक United States में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता कम होने और जोखिम लेने की क्षमता बढ़ने से उभरते बाजारों की मुद्राओं को फायदा मिल रहा है। आने वाले समय में रुपये की चाल वैश्विक आर्थिक संकेतों और विदेशी निवेश के रुख पर निर्भर करेगी।


