भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये में जोरदार मजबूती देखने को मिली है। डॉलर के मुकाबले रुपया 119 पैसे की छलांग लगाते हुए मजबूत स्तर पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, द्विपक्षीय व्यापार को लेकर सकारात्मक संकेत मिलने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिसका सीधा असर रुपये की चाल पर पड़ा है।
रुपये में आई इस तेजी के पीछे मजबूत विदेशी निवेश प्रवाह और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी भी एक अहम वजह मानी जा रही है। व्यापार समझौते से भारत के निर्यात बढ़ने की उम्मीद है, जिससे चालू खाता संतुलन बेहतर हो सकता है। इसके साथ ही शेयर बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला, जिसने रुपये को अतिरिक्त समर्थन दिया।
read also: आज का राशिफल 3 फरवरी 2026: मंगलवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें आपका दिन कैसा रहेगा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजारों में स्थिरता बनी रहती है और व्यापार समझौते से जुड़े फैसलों का असर जमीनी स्तर पर दिखता है, तो रुपये में आगे भी मजबूती जारी रह सकती है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।


