राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता रामलाल ने आपातकाल को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि देश में लगाए गए आपातकाल के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों में लगभग 80 फीसदी संघ के कार्यकर्ता थे। रामलाल ने कहा कि उस दौर में संघ और उससे जुड़े संगठनों ने लोकतंत्र बचाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और हजारों कार्यकर्ताओं ने जेल में समय बिताया।
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे कठिन दौर था, जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों पर गंभीर प्रतिबंध लगाए गए थे। उन्होंने दावा किया कि संघ के स्वयंसेवकों ने उस समय भूमिगत रहकर आंदोलन चलाया और लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष किया। रामलाल ने युवाओं से इतिहास को समझने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने का आह्वान भी किया।
भारतीय आपातकाल को लेकर दिए गए इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो सकती हैं। विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से इस दावे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है। वहीं संघ समर्थकों ने इसे संगठन के योगदान को याद दिलाने वाला बयान बताया है।


