देश में सोने और चांदी के बढ़ते आयात ने आर्थिक मोर्चे पर नई चिंता खड़ी कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कीमती धातुओं की भारी मांग के चलते India का आयात बिल बढ़ रहा है, जिससे व्यापार घाटे पर दबाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। त्योहारों और शादी के सीजन में मांग बढ़ने से आयात में तेजी देखी जा रही है।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि सोने-चांदी का आयात बढ़ने से विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ सकता है और चालू खाते का घाटा बढ़ सकता है। भारत में सोना पारंपरिक निवेश और आभूषण के रूप में बेहद लोकप्रिय है, जिसके कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद मांग मजबूत बनी रहती है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि आयात की यह रफ्तार जारी रहती है, तो सरकार को संतुलन बनाए रखने के लिए नीतिगत कदम उठाने पड़ सकते हैं। आने वाले महीनों में वैश्विक कीमतों और घरेलू मांग पर बाजार की नजर बनी हुई है।


