एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि महिलाओं में समय से पहले बाल झड़ने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसके पीछे सिर्फ जेनेटिक्स ही नहीं, बल्कि हार्मोनल असंतुलन, तनाव और लाइफस्टाइल से जुड़े कारण भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, थायरॉइड, पीसीओडी, पोषण की कमी और अनियमित दिनचर्या के चलते कम उम्र में ही हेयर फॉल की समस्या गंभीर रूप ले रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि केमिकल युक्त हेयर कलर, स्ट्रेटनिंग, स्मूदनिंग और बार-बार हीट ट्रीटमेंट बालों की जड़ों को कमजोर कर रहे हैं। आधुनिक सौंदर्य आदतें—जैसे बार-बार हेयर स्टाइल बदलना, महंगे प्रोडक्ट्स का बिना सलाह इस्तेमाल और स्कैल्प केयर की अनदेखी—बालों के प्राकृतिक ग्रोथ साइकिल को नुकसान पहुंचा रही हैं। इससे बाल पतले होने के साथ-साथ समय से पहले झड़ने लगते हैं।
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रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि संतुलित आहार, हार्मोनल जांच, तनाव प्रबंधन और केमिकल ट्रीटमेंट से दूरी बनाकर इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बालों के झड़ने को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते कारणों की पहचान और सही देखभाल बेहद जरूरी है, ताकि लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत बाल बनाए रखे जा सकें।


