लाल किला के पास चांदनी चौक में आए धमाके की जांच में पुलिस और फॉरेंसिक टीम को कार के अंदर बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट (Ammonium Nitrate) मिलने की जानकारी मिली है। शुरुआती जानकारी के अनुसार विस्फोट इतना तेज़ था कि नज़दीकी बाजार और सड़क पर भारी तबाही हुई, कई दुकानों के शीशे टूट गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटनाक्रम — क्या हुआ था?
सूत्रों के मुताबिक़, रविवार दोपहर को चांदनी चौक की एक व्यस्त मार्ग पर अचानक तेज़ धमाका हुआ। स्थानीय लोगों की तुरंत सूचना पर दिल्ली पुलिस, फॉरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ते (IED/ Bomb Disposal) मौके पर पहुंचे। शुरुआती रिस्क अस्थायी रूप से कंट्रोल कर परिमित क्षेत्र को सील कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि धमाके के स्थान से एक कार बरामद हुई है, जिसके अंदर विस्फोटक सामग्री मिली है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में आरोप लगाया जा रहा है कि कार में रखी अमोनियम नाइट्रेट की मात्रा अत्यधिक थी — जिसकी वजह से विस्फोट की ताकत बढ़ी और आसपास के इलाकों में व्यापक क्षति हुई।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी (नाम नहीं) ने कहा — “मामला बेहद गंभीर है। फॉरेंसिक परीक्षण और सीसीटीवी फुटेज से ही पता चलेगा कि विस्फोट किसने कराया और सामग्री कैसे लाई गई। फिलहाल किसी भी धारणा पर जल्दबाज़ी में भरोसा नहीं किया जाना चाहिए।”
फॉरेंसिक और घटना की प्रकृति
अधिकारियों ने बताया कि फॉरेंसिक टीम और वैज्ञानिकों द्वारा घटनास्थल से सैंपल लिए जा रहे हैं। अमोनियम नाइट्रेट के रसायन-विश्लेषण, कार के हिस्सों की जाँच और फिल्टर किए गए CCTV फुटेज मामले की तह तक जाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमोनियम नाइट्रेट एक सामान्य उर्वरक है, पर गलत तरीके से उपयोग होने पर यह विस्फोटक के रूप में भारी तबाही कर सकता है — इसलिए किसी भी संदिग्ध सामग्री के मिलते ही मामले की नज़दीक से जाँच आवश्यक होती है। (यहाँ केवल सामग्री के जोखिम-प्रोफाइल का उल्लेख किया जा रहा है; किसी को भी हिंसक जानकारी या बनाने के तरीके देने का उद्देश्य नहीं है।)
आरोप-प्रत्यारोप: डॉक्टर पर संदिग्धता (अभी पुष्टि नहीं)
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय सूत्रों में यह दावा किया गया है कि एक डॉक्टर (नाम और पहचान स्थानीय रिपोर्टों में बताई जा रही है) कार में रखी सामग्री के साथ संदिग्ध रूप से जुड़ा हो सकता है और उसकी मृत्यु (या घटना से संबंधित स्थिति) सामने आई है। दिल्ली पुलिस ने इस बात की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि कयासबाज़ी से बचना चाहिए।
पुलिस ने स्पष्ट किया: “प्रारम्भिक तौर पर किसी व्यक्ति-विशेष को दोषी या आरोपी मानना ग़लत होगा। जांच जारी है — पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोरेन्सिक मिलान और कॉल-डेटा के आधार पर ही आगे की कार्रवाई बताई जाएगी।”
राहत-बचाव और सुरक्षा व्यवस्था
घटना के बाद स्थानीय अस्पतालों में घायलों को तत्काल भर्ती किया गया और सिविल प्रशासन ने इलाके में धारा बंद करके बचाव-कार्य तेज़ कर दिए। बाजार व आसपास के स्कूलों को कुछ समय के लिए बंद रखा गया और पुलिस ने जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर न जाएँ और केवल आधिकारिक बयानों पर भरोसा करें।
आगे की कार्रवाई और जांच की दिशा
दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम और NIA/CBI/उच्च सुरक्षा एजेंसियाँ (यदि मामले की संवेदनशीलता देखी जाए) जाँच में शामिल हो सकती हैं। फॉरेंसिक लैब से नमूनों की रासायनिक जांच के नतीजे और CCTV फुटेज का मिलान निर्णायक साबित होगा। संभावित आरोपियों की पहचान के बाद गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


