Record Queen Of India : 18 साल की उम्र में ज्यादातर बच्चे अपने सपनों की खोज में रहते हैं लेकिन चंडीगढ़ की जानवी जिंदल ने इस उम्र में वह कर दिखाया है, जिसकी कल्पना भी मुश्किल है। उन्होंने एक या दो नहीं 11 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम करके मिसाल कायम कर दी। यही वजह है कि लोग उन्हें प्यार से “रिकॉर्ड क्वीन ऑफ इंडिया” कहने लगे हैं। वह आज उन युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं जो सीमाओं को चुनौती देकर आगे बढ़ना चाहती हैं। जानवी की कहानी सिर्फ रिकॉर्ड बनाने की नहीं, बल्कि अनुशासन, जुनून और असाधारण मेहनत की कहानी है। कहने को तो उनके रिकॉर्ड विभिन्न कैटेगरी में हैं जैसे फिटनेस, स्पीड, स्किल और मेमोरी लेकिन इनके पीछे छिपी है उनकी अटूट इच्छा शक्ति, जिसने उन्हें भीड़ से अलग खड़ा किया। आइए जानते हैं कौन हैं भारत की रिकाॅर्ड क्वीन जानवी जिंदल और क्या हैं उनकी उपलब्धियां।
कौन हैं जानवी जिंदल
जानवी महज 18 साल की है। वह चंडीगढ़ की रहने वाली हैं। जानवी के पिता का नाम मुनीश जिंगल हैं जिनके सहयोग से जानवी ने 11 गिनीज वर्ल्ड रिकाॅर्ड बनाए। जानव फ्रीस्टाइल स्केटिंग में 6 नए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर भारत की पहली ऐसी महिला बन गई हैं जिनके नाम कुल 11 गिनीज़ रिकॉर्ड दर्ज हैं। इस उपलब्धि ने उन्हें पूरे देश में दूसरा सबसे अधिक गिनीज रिकाॅर्ड रखने वाला व्यक्ति बना दिया है। इसके पहल सिर्फ सचिन तेंदुलकर 19 रिकाॅर्ड बना चुके हैं।
कैसे बनीं रिकॉर्ड क्वीन?
जानवी बचपन से ही सीखने और एक्सप्लोर करने के प्रति बेहद उत्सुक रहीं। उनकी मां डॉक्टर और पिता बिजनेसमैन हैं। घर में पढ़ाई और अनुशासन का माहौल हमेशा से रहा। लेकिन केवल संसाधन नहीं, जानवी की लगन वह ताकत थी जिसने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई। जानवी ने अब तक जिन 11 रिकॉर्ड्स को हासिल किया है। उनमें तेज गति से पुश-अप्स, अनूठे बैलेंसिंग स्किल्स, मल्टीटास्किंग प्रेपरेशन, स्पीड-बेस्ड फिटनेस मूवमेंट्स और हाई कौऑर्डिनेशन टास्क्स जैसे कई कठिन चैलेंज शामिल हैं।
कई रिकॉर्ड्स के लिए उन्हें महीनों सुबह-शाम ट्रेनिंग लेनी पड़ी। छह सात घंटे रोजाना अभ्यास करना पड़ा। सबसे बड़ी बात वे हर असफल प्रयास के बाद और मजबूत होकर उठीं। जनवी की सफलता और भी खास इसलिए है क्योंकि उन्होंने स्केटिंग किसी प्रोफेशनल कोच के साथ नहीं, बल्कि अपने पिता की मदद और इंटरनेट से सीखकर हासिल की। उनके नए रिकॉर्ड्स में 30 सेकंड और 1 मिनट में सबसे अधिक 360 डिग्री रोटेशन और 30 सेकंड में वन-व्हील 360 डिग्री रोटेशन जैसे बेहद चुनौतीपूर्ण कारनामे शामिल हैं।
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यूनिवर्सिटी से हुईं सम्मानित
जानवी की उपलब्धियों पर एमपी और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने उन्हें सम्मानित किया और शैक्षणिक छात्रवृत्ति भी प्रदान की। जानवी का सपना है और ऊंचाइयों पर पहुंचना और देश के युवा खिलाड़ियों को यह संदेश देना कि सीमाएं तभी टूटती हैं जब विश्वास और मेहनत पूरी ताकत से साथ हों। उनके पिता मुनीश जिंदल का कहना है कि जानवी की यह सफलता पूरी तरह स्वनिर्मित और प्रेरणादायक है, क्योंकि उन्होंने बिना किसी विशेष संसाधन और पेशेवर प्रशिक्षण के यह मुकाम हासिल किया है।


