अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच Reserve Bank of India की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं। बढ़ती महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक दबावों के बीच यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव का असर भारत की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ सकता है।
विश्लेषकों के मुताबिक, रिजर्व बैंक फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव को लेकर सतर्क रुख अपना सकता है। हालांकि, अगर महंगाई का दबाव बढ़ता है या वैश्विक हालात और बिगड़ते हैं, तो भविष्य में नीतिगत बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। निवेशकों और बाजार की नजर इस बात पर भी है कि RBI विकास और महंगाई के बीच संतुलन कैसे बनाएगा।
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MPC बैठक के नतीजे से लोन, EMI और निवेश पर असर पड़ सकता है। ऐसे में आम लोगों से लेकर उद्योग जगत तक सभी इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि यह आने वाले महीनों की आर्थिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।


