कैपिटल मार्केट से जुड़े नियमों को लेकर Reserve Bank of India ने बाजार सहभागियों को अतिरिक्त समय देने का फैसला किया है। केंद्रीय बैंक ने घोषणा की है कि प्रस्तावित नियामकीय बदलाव अब 1 जुलाई से प्रभावी होंगे। इस फैसले से वित्तीय संस्थानों और बाजार प्रतिभागियों को नई व्यवस्था के अनुरूप तैयार होने के लिए राहत मिली है।
आरबीआई के अनुसार, अतिरिक्त मोहलत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी संस्थान नई गाइडलाइंस को सही तरीके से लागू कर सकें और सिस्टम में किसी प्रकार की बाधा न आए। नियामकीय बदलावों का मकसद जोखिम प्रबंधन को मजबूत करना और कैपिटल मार्केट की स्थिरता को बढ़ाना है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से बाजार में अचानक दबाव नहीं पड़ेगा और संस्थानों को प्रक्रियाओं में जरूरी बदलाव करने का पर्याप्त समय मिलेगा। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होने और वित्तीय प्रणाली की पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।


