संसद के उच्च सदन Rajya Sabha में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब विपक्ष के नेता Mallikarjun Kharge के भाषण के कुछ हिस्सों को रिकॉर्ड से हटा दिया गया। इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए खरगे ने कहा कि यह कदम लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आलोचनात्मक आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है।
खरगे ने कहा कि सदन में विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना और जनता की आवाज उठाना है, लेकिन अगर भाषण के अहम हिस्सों को हटाया जाएगा तो यह संसदीय परंपराओं के विपरीत होगा। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर विरोध जताया और कहा कि संसद में बहस और असहमति लोकतंत्र की मूल आत्मा है।
वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि सदन की कार्यवाही नियमों के तहत चलती है और केवल आपत्तिजनक या नियम विरुद्ध टिप्पणियों को ही रिकॉर्ड से हटाया जाता है। इस विवाद के बाद राज्यसभा में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और आने वाले सत्रों में इस मुद्दे पर और तीखी बहस की संभावना है।


