गहलोत का बड़ा बयान, NDA सरकार से पूछा 20 साल का लेखा-जोखा राजस्थान की राजनीति एक बार फिर से गरमाती नज़र आ रही है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार पर बड़ा हमला बोला है। गहलोत ने कहा कि अब वक्त आ गया है जब जनता को पिछले 20 वर्षों का पूरा हिसाब-किताब मिलना चाहिए।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, “एनडीए सरकार ने दो दशक तक जनता से वादे किए, लेकिन अब जनता पूछ रही है — वादों का क्या हुआ?” यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में 2025 के चुनावी माहौल की सुगबुगाहट तेज़ हो चुकी है।
गहलोत ने क्या कहा?
अशोक गहलोत ने जयपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार ने जनता को सपने दिखाए, लेकिन जमीनी स्तर पर विकास अधूरा है।
उन्होंने कहा, “पिछले 20 सालों में एनडीए ने जो कहा, क्या वह सब पूरा हुआ? बेरोजगारी, महंगाई और किसान संकट आज भी वहीं है जहां 2014 में था। केवल प्रचार से देश नहीं चलता, काम से चलता है।” गहलोत ने आगे कहा कि जनता अब जवाब चाहती है, क्योंकि सरकार ने जो वादे किए — जैसे 2 करोड़ नौकरियां प्रति वर्ष, किसानों की आय दोगुनी करना, और महंगाई पर नियंत्रण — वे सिर्फ नारों तक सीमित रह गए।
20 वर्षों के कामकाज पर उठाए सवाल
गहलोत ने एनडीए की दो दशक की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि:
1. आर्थिक असमानता बढ़ी है – अमीर और गरीब के बीच की खाई और चौड़ी हुई
2. युवा वर्ग निराश है – रोजगार के नाम पर योजनाएँ आईं, लेकिन अवसर कम हुए।
3. किसानों की हालत खराब – कर्ज़ और महंगाई से जूझ रहे हैं किसान।
4. शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र उपेक्षित – सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति सुधारने के बजाय निजीकरण को बढ़ावा मिला
उन्होंने कहा कि “एनडीए को अब जनता के सामने 20 साल का रिपोर्ट कार्ड रखना चाहिए।”
बीजेपी की प्रतिक्रिया
गहलोत के इस बयान पर बीजेपी नेताओं ने पलटवार किया है।
राज्य के बीजेपी प्रवक्ता ने कहा,
“गहलोत जी पहले अपने शासन का हिसाब दें। कांग्रेस ने राजस्थान में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी को चरम पर पहुंचाया। एनडीए ने देश को विकास की नई दिशा दी है। बीजेपी ने गहलोत पर राजनीतिक स्टंट करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए पुराने आरोपों को दोहराया जा रहा है।
राजस्थान में चुनावी रणनीति की झलक
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गहलोत का यह बयान सिर्फ केंद्र पर हमला नहीं, बल्कि राजस्थान में कांग्रेस को पुनर्जीवित करने की रणनीति का हिस्सा है। राज्य में बीजेपी और कांग्रेस दोनों 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। गहलोत की कोशिश है कि जनता के बीच कांग्रेस की विकासवादी छवि दोबारा बनाई जाए और बीजेपी को जवाबदेही के सवालों में उलझाया जाए।
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, गहलोत आने वाले महीनों में “हिसाब दो, जवाब दो” अभियान शुरू करने की योजना बना रहे हैं, जिसके तहत केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के कामकाज पर सवाल उठाए जाएंगे।
जनता का रुख और विश्लेषण
सोशल मीडिया पर गहलोत का यह बयान तेजी से वायरल हो गया है।कई लोगों ने इसे “जनता की आवाज़” बताया, जबकि कुछ ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए। वहीं राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि गहलोत का यह बयान राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर राजनीतिक तापमान बढ़ाने वाला साब


