छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर (Raipur) में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट ‘ब्लू वॉटर’ में नहाने गए दो छात्र अचानक गहरे पानी में डूब गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जबकि मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस और प्रशासन को तुरंत सूचना दी। फिलहाल रेस्क्यू टीम मौके पर है और दोनों छात्रों की तलाश जारी है। यह हादसा उस वक्त हुआ जब दोनों अपने दोस्तों के साथ ब्लू वॉटर झील में नहा रहे थे।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा दोपहर करीब 2 बजे के आसपास हुआ। दोनों छात्र, जो कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे, अपने पांच दोस्तों के साथ ब्लू वॉटर घूमने पहुंचे थे। नहाते वक्त वे झील के उस हिस्से में चले गए जहां पानी काफी गहरा था। कुछ देर बाद दोनों छात्रों ने मदद के लिए आवाज़ लगाई, लेकिन जब तक लोग पहुंच पाते, वे पानी में गायब हो चुके थे। घटना की जानकारी मिलते ही अमानाका पुलिस स्टेशन से टीम मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ (SDRF) को बुलाया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
- घटना के तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
- एसडीआरएफ की टीम नाव और गोताखोरों की मदद से छात्रों की तलाश कर रही है।
- रात तक सर्च ऑपरेशन जारी था, लेकिन छात्रों का कोई पता नहीं चल सका।
अधिकारियों ने बताया कि
“पानी की गहराई और क्षेत्र के चट्टानी स्वरूप के कारण खोज अभियान में दिक्कत आ रही है, लेकिन हमारी टीम पूरी कोशिश कर रही है।”
ब्लू वॉटर पर सुरक्षा इंतज़ामों पर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर ब्लू वॉटर झील की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह जगह रायपुर में युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है, खासकर छुट्टियों और रविवार के दिन यहां भीड़ जुटती है।लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि
“यहां कोई लाइफगार्ड, चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा कर्मचारी तैनात नहीं होता।” पहले भी यहां कई बार डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हर साल यहां हादसे होते हैं, लेकिन प्रशासन सिर्फ जांच की बात करता है। अगर सुरक्षा के इंतज़ाम होते, तो आज दो घरों में मातम न होता।”
मृतकों की पहचान और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
पुलिस ने बताया कि डूबे दोनों छात्र रायपुर के ही निजी कॉलेज में बीएससी की पढ़ाई कर रहे थे। दोनों की उम्र 20 से 22 वर्ष के बीच है। घटना की जानकारी मिलते ही उनके परिजन मौके पर पहुंचे, जहां रो-रोकर उनका बुरा हाल है
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि
“परिजनों को सूचना दे दी गई है और मामले की पूरी जांच की जा रही है। रेस्क्यू टीम को तब तक लगाया जाएगा जब तक दोनों का पता नहीं चल जाता।”
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
रायपुर के जिला कलेक्टर ने हादसे पर दुख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि झील में सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और यदि लापरवाही पाई गई, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ब्लू वॉटर झील जैसे प्राकृतिक जलाशयों में नहाने या सेल्फी लेने से बचें, क्योंकि वहां सुरक्षा इंतज़ाम पर्याप्त नहीं हैं।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
गौरतलब है कि रायपुर का ब्लू वॉटर झील क्षेत्र पहले भी कई हादसों का गवाह रह चुका है। पिछले दो वर्षों में यहां तीन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें पांच से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात तो होती रही, लेकिन सुरक्षा के बुनियादी इंतज़ामों पर ध्यान नहीं दिया गया। अब एक बार फिर प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों की राय
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लू वॉटर जैसे प्राकृतिक जलाशयों में सुरक्षा के लिए कुछ स्थायी कदम उठाना जरूरी है —
जैसे कि
- लाइफगार्ड की नियुक्ति
- चेतावनी बोर्ड लगाना
- पानी की गहराई की मार्किंग
- नियमित पुलिस पेट्रोलिंग
उन्होंने कहा कि केवल “प्राकृतिक सौंदर्य” को पर्यटन के नाम पर प्रचारित करने से पहले लोगों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।


