राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “राष्ट्र सेवक नहीं, राष्ट्रीय सरेंडर संघ” करार दिया। उनका यह बयान उस समय आया जब संघ नेता राम माधव के हालिया बयान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर संघ की सोच राष्ट्रहित के बजाय समर्पण की राजनीति को बढ़ावा देती है।
राम माधव के बयान के बाद सियासी माहौल और गरमा गया है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है, जिसमें दोनों दल एक-दूसरे पर देशहित और विचारधारा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि संघ की नीतियों पर सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है।
वहीं बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है। इस विवाद ने एक बार फिर देश की राजनीति में वैचारिक टकराव को तेज कर दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।


