कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि देश में लाखों मजदूर और किसान अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, लेकिन क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी आवाज सुनेंगे? राहुल गांधी ने सोशल मीडिया और जनसभाओं के जरिए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, जबकि सत्ता पक्ष संवेदनहीन बना हुआ है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और कृषि से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
राहुल गांधी ने यह भी सवाल किया कि क्या किसी “ग्रिप” की पकड़ सरकार पर इतनी मजबूत है कि आम जनता की आवाज दबाई जा रही है? हालांकि उन्होंने किसी खास संस्था या समूह का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को लेकर सियासी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस का कहना है कि सरकार बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी है, जबकि किसान और मजदूर उपेक्षित हैं।
वहीं भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार लगातार किसानों और श्रमिकों के हित में योजनाएं लागू कर रही है और विपक्ष बेवजह भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। इस बयान के बाद एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और सड़कों दोनों जगह बहस की संभावना है।


