Project EAT को लेकर गूगल की आंतरिक तैयारियों का खुलासा हुआ है। सामने आए एक लीक मेमो के मुताबिक, गूगल एक AI-पावर्ड वर्कप्लेस विकसित कर रहा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से कर्मचारियों की उत्पादकता, सहयोग और निर्णय-प्रक्रिया को नई दिशा दी जाएगी। इस प्रोजेक्ट का मकसद पारंपरिक ऑफिस सिस्टम को स्मार्ट और ऑटोमेटेड बनाना बताया जा रहा है।
लीक दस्तावेज़ों के अनुसार, Project EAT के तहत AI टूल्स मीटिंग शेड्यूलिंग, टास्क मैनेजमेंट, डेटा एनालिसिस और रियल-टाइम सहयोग में अहम भूमिका निभाएंगे। इतना ही नहीं, यह सिस्टम कर्मचारियों के काम करने के तरीके को समझकर पर्सनलाइज्ड सुझाव भी देगा, जिससे वर्कफ्लो और बेहतर हो सके। माना जा रहा है कि गूगल इसे भविष्य के हाइब्रिड वर्क मॉडल के लिए एक बड़ी पहल के रूप में देख रहा है।
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Project EAT को लेकर फिलहाल गूगल की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन लीक मेमो ने टेक इंडस्ट्री में हलचल जरूर मचा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो आने वाले समय में AI-आधारित वर्कप्लेस का ट्रेंड और तेज हो सकता है, जिससे दुनिया भर की कंपनियों के काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।


