Princess Shivranjani Rajye: राजसी जीवन अक्सर चमक-दमक, विवाह और उपाधियों से जोड़ा जाता है। लेकिन प्रिंसेस शिवरंजनि राज्ये ने इस परंपरागत परिभाषा को तोड़ दिया। जोधपुर के उमेद भवन पैलेस के 347 कमरों में से एक में रहने वाली यह आधुनिक राजकुमारी आज 22,000 करोड़ रुपये से अधिक की पारिवारिक विरासत की संरक्षक और प्रबंधक हैं।
कौन हैं प्रिंसेस शिवरंजनि राज्ये?
प्रिंसेस शिवरंजनि राज्ये जोधपुर के ऐतिहासिक शाही परिवार की सदस्य हैं, लेकिन उनकी पहचान केवल “राजकुमारी” भर नहीं है। वह आधुनिक भारत में उस शाही सोच का प्रतिनिधित्व करती हैं, जहाँ ताज से अधिक महत्व जिम्मेदारी और संरक्षण को दिया जाता है।
राजकुमारी शिवरंजनि राज्ये का जीवन
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से शिक्षित शिवरंजनि राज्ये ने परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाना सीखा। उन्होंने शाही पहचान को सत्ता नहीं, जिम्मेदारी के रूप में जिया। वर्ष 2005 में भाई के गंभीर हादसे के बाद उन्होंने आगे बढ़कर परिवार की विरासत संभाली, जिसमें पैलेस होटल, हेरिटेज रिसॉर्ट्स, म्यूज़ियम, सांस्कृतिक ट्रस्ट और संरक्षण परियोजनाएं शामिल हैं। अनुमानित रूप से वह 22,000 करोड़ रुपये से अधिक की पारिवारिक विरासत का प्रबंधन करती हैं।
347 कमरों के उमेद भवन में रहती हैं शिवरंजनि राज्ये
वह जोधपुर स्थित उमेद भवन पैलेस में रहती हैं। 347 कमरों में फैला यह भव्य महल केवल निवास नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। 50 वर्ष की उम्र में विवाह न करने का उनका निर्णय समाज की रूढ़ियों को चुनौती देता है। उन्होंने अपना जीवन व्यक्तिगत पहचान से अधिक जोधपुर की विरासत और इतिहास को संरक्षित करने के लिए समर्पित किया।
अरविंद केजरीवाल को भेजा पत्र, कारण नहीं बताया – AAP छत्तीसगढ़ अध्यक्ष गोपाल साहू ने दिया इस्तीफा
जोधपुर गर्ल्स पोलो टीम की स्वामित्वकर्ता हैं शिवरंजनि राज्ये?
महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है। वह जोधपुर गर्ल्स पोलो टीम की स्वामित्वकर्ता हैं और महिलाओं को पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान खेलों में आगे लाने का कार्य कर रही हैं। शिवरंजनि राज्ये की कहानी बताती है कि आज की रॉयल्टी मुकुट में नहीं, दूरदृष्टि, अनुशासन और सांस्कृतिक उत्तरदायित्व में बसती है।


