प्रधानমন্ত্রী नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि दुनिया की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण मानवता की सामूहिक पहचान और वैश्विक सांस्कृतिक विविधता को बचाने के समान है। एक अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोक परंपराएँ, कला, संगीत, भाषा, रीतिरिवाज़ और सामुदायिक ज्ञान न केवल समाज को जोड़ते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए मूल्यवान धरोहर भी हैं।
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उन्होंने जोर दिया कि भारत ने हमेशा अपनी विविध सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करते हुए वैश्विक मंच पर सांस्कृतिक एकता और सहअस्तित्व का संदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने देशों से अपील की कि वे तकनीक और सहयोग के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के प्रयास तेज करें, ताकि दुनिया अपनी पहचान और समृद्ध इतिहास को सुरक्षित रख सके।


