प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इस योजना के तहत प्रशिक्षण के दौरान लाभार्थियों को रोजाना 500 रुपये की सहायता राशि दी जाती है, ताकि वे बिना आर्थिक दबाव के अपने कौशल को निखार सकें। सरकार का लक्ष्य है कि कारीगरों को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ा जाए।
योजना के अंतर्गत बढ़ई, लोहार, सुनार, मोची, कुम्हार, दर्जी सहित कई पारंपरिक पेशों से जुड़े लोगों को लाभ मिलता है। प्रशिक्षण के साथ-साथ टूलकिट के लिए आर्थिक सहायता और कम ब्याज दर पर ऋण की सुविधा भी दी जाती है। इससे लाभार्थी अपने काम को आगे बढ़ाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं।
read also: आज का राशिफल 4 फरवरी 2026 (बुधवार): जानिए सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आपका दिन
अगर आप भी इस योजना से जुड़ना चाहते हैं तो पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है। सरकार की यह पहल खास तौर पर छोटे कारीगरों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है, जिससे उनकी आमदनी बढ़ाने और हुनर को नई पहचान देने में मदद मिल रही है।


