नई दिल्ली — शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पारंपरिक ‘गमछा’ लहराना समारोह का सबसे आकर्षक और चर्चा में रहने वाला दृश्य बन गया। जैसे ही मोदी ने मंच पर पहुँचकर समर्थकों और उपस्थित अतिथियों की ओर गमछा लहराया, पूरा माहौल उत्साह और तालियों से गूंज उठा।
समारोह में शामिल लोगों ने इस अंदाज़ को न सिर्फ आत्मीयता का प्रतीक बताया, बल्कि इसे जमीनी जुड़ाव और भारतीय सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक भी माना। मोदी अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों में पारंपरिक गमछे के साथ देखे जाते हैं, जिसे वह सम्मान और सरलता का भाव बताते हैं।
सोशल मीडिया पर भी यह दृश्य तेजी से वायरल हो गया, जहाँ कई यूज़र्स ने लिखा कि मोदी का यह अंदाज़ “जनता से उनका गहरा जुड़ाव” दिखाता है। कुछ ने इसे उनकी पहचान का अहम हिस्सा बताया, तो कुछ ने कहा कि शपथ ग्रहण के औपचारिक माहौल में यह क्षण ऊर्जा और भावनाओं से भरा हुआ था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी का यह सहज और प्रतीकात्मक इशारा उनकी राजनीतिक शैली का हिस्सा है, जिसमें वे परंपरा, simplicity और जनता से संवाद को विशेष महत्व देते हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित नेताओं, मेहमानों और समर्थकों के बीच यह पल लंबे समय तक याद रहने वाला माना जा रहा है।


