मलेशिया दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की नीति को स्पष्ट शब्दों में रखा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत का संदेश बिल्कुल साफ है—इस पर कोई दोहरा मापदंड और किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है और इससे निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर एकजुट और निर्णायक कार्रवाई जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद को पालने-पोसने और उसे राजनीतिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करने की मानसिकता पूरी दुनिया के लिए घातक है। भारत हमेशा आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर कायम रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इसी रुख को मजबूती से उठाता रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि शांति और विकास तभी संभव है, जब आतंकवाद के सभी रूपों और समर्थकों के खिलाफ बिना भेदभाव कार्रवाई की जाए।
पीएम मोदी के इस बयान को भारत की सख्त आतंकवाद विरोधी नीति के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। मलेशिया में दिए गए उनके इस संदेश से यह साफ हो गया है कि भारत आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी तरह की ढिलाई के पक्ष में नहीं है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी समान सोच और ठोस कदम उठाने की अपेक्षा रखता है।


