फाल्गुन अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन पितरों की शांति और तृप्ति के लिए किए गए उपाय अत्यंत फलदायी होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन अमावस्या पर पितृ तर्पण, दान और पूजा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। कहा जाता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्मों का फल कई पीढ़ियों तक प्राप्त होता है।
फाल्गुन अमावस्या पर पितरों को प्रसन्न करने के लिए पवित्र नदी या जलाशय में तर्पण करना श्रेष्ठ माना गया है। इसके साथ ही जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़ और काले तिल का दान करना शुभ होता है। ब्राह्मण भोज कराने और गाय को भोजन देने से भी पितृ दोष शांत होता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया यह कर्म पितरों को विशेष रूप से प्रिय होता है।
read also: CG – छात्रों का चाकू लहराते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, स्कूल में हड़कंप
मान्यता है कि फाल्गुन अमावस्या पर किए गए ये उपाय न केवल पितरों को मोक्ष की ओर अग्रसर करते हैं, बल्कि परिवार की आने वाली 7 पीढ़ियों के लिए भी कल्याणकारी साबित होते हैं। इस दिन संयम, शुद्ध आचरण और पितरों का स्मरण करते हुए किए गए धार्मिक कर्म जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य लेकर आते हैं।


