छठ महापर्व को लेकर रेलवे ने यात्रियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। पटना समेत बिहार के कई प्रमुख स्टेशनों से आज यानी बुधवार से कुल 74 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इन ट्रेनों का उद्देश्य छठ मनाने घर लौट रहे यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत देना है। यह निर्णय बढ़ती भीड़ और ट्रेनों में भारी दबाव को देखते हुए लिया गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ये स्पेशल ट्रेनें दिल्ली, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, कोलकाता, रांची, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, पुणे और हावड़ा जैसे बड़े शहरों के लिए चलेंगी। इनमें से कई ट्रेनों का ठहराव पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर, आरा, बक्सर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया और भागलपुर स्टेशनों पर रहेगा।
कब से कब तक चलेंगी ये ट्रेनें
रेलवे की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार, 29 अक्टूबर से 3 नवंबर तक ये 74 स्पेशल ट्रेनें चरणबद्ध तरीके से चलाई जाएंगी। कुछ ट्रेनें प्रतिदिन चलेंगी, जबकि कुछ सप्ताह में दो या तीन दिन। सबसे ज़्यादा भीड़ उत्तर बिहार की ओर लौटने वाली ट्रेनों में देखने को मिल रही है
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि छठ पर्व को देखते हुए विशेष निगरानी की जा रही है ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए प्लेटफॉर्म पर अतिरिक्त स्टाफ, हेल्पडेस्क और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
इन रूटों पर रहेगी सबसे ज़्यादा भीड़
छठ पर्व के मौके पर दिल्ली, मुंबई और सूरत से बिहार आने वाले रूट्स पर सबसे अधिक दबाव देखने को मिल रहा है। इन शहरों में काम करने वाले लाखों बिहारी प्रवासी अपने घर लौट रहे हैं।
मुख्य स्पेशल ट्रेनों में शामिल हैं:
1. दिल्ली–पटना सुपरफास्ट स्पेशल
2. मुंबई–दरभंगा एक्सप्रेस स्पेशल
3. सूरत–छपरा स्पेशल ट्रेन
4. अहमदाबाद–गया स्पेशल
5. कोलकाता–मुजफ्फरपुर स्पेशल ट्रेन
इन सभी ट्रेनों में एसी और स्लीपर कोच बढ़ाए गए हैं ताकि यात्रियों को अधिक सीटें उपलब्ध कराई जा सकें।
रेलवे ने की विशेष व्यवस्था
छठ पर्व के दौरान हर साल बड़ी संख्या में लोग बिहार लौटते हैं। ऐसे में रेलवे ने कई अतिरिक्त इंतज़ाम किए हैं—
टिकट जांच कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है।
प्लेटफॉर्म और कोचों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
भीड़ नियंत्रण के लिए आरपीएफ और जीआरपी की टीमें तैनात की गई हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर और सूचना काउंटर बनाए गए हैं।
इसके अलावा रेलवे ने लोगों से अपील की है कि वे केवल कन्फर्म टिकट के साथ यात्रा करें और प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं।
छठ पर्व पर यात्रियों की बढ़ी उम्मीदें
छठ महापर्व बिहार का सबसे बड़ा लोक पर्व है, जिसमें लाखों श्रद्धालु अपने घरों को लौटते हैं। ऐसे में रेलवे का यह निर्णय यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
स्थानीय लोगों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले साल ट्रेनों में भारी भीड़ और टिकट की कमी के कारण यात्रा मुश्किल हो गई थी, लेकिन इस बार 74 स्पेशल ट्रेनें चलाने से राहत मिलेगी।


