संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में एक बार फिर भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि उनके नेताओं की बात सदन में रखे जाने से रोकने के लिए जानबूझकर माइक बंद किए गए। इस मुद्दे पर विपक्षी सांसदों ने अध्यक्ष के आसन के पास विरोध प्रदर्शन किया और सरकार पर लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने का आरोप लगाया। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इसे संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ बताया।
वहीं, सत्तापक्ष ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही नियमों के अनुसार चलाई जा रही है और बार-बार व्यवधान डालने के कारण माइक बंद करने की स्थिति बनी। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष का उद्देश्य केवल सदन की कार्यवाही को बाधित करना है। इसी बीच विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं हुआ तो वे सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम पर लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा, बशर्ते वे नियमों का पालन करें। हालांकि, बढ़ते टकराव के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी, जिससे अहम विधायी कामकाज प्रभावित हुआ।


