संसद के बजट सत्र 2026 का पहला चरण लगातार हंगामे और विपक्ष-सरकार के टकराव के बीच संपन्न हुआ। कार्यवाही के आंकड़ों के अनुसार, Lok Sabha में कुल 26.6 घंटे कामकाज हुआ, जबकि Rajya Sabha में 58.2 घंटे की कार्यवाही दर्ज की गई। कई महत्वपूर्ण विधेयकों और मुद्दों पर चर्चा हंगामे की वजह से प्रभावित रही।
सत्र के दौरान विपक्ष ने विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की, जिसके चलते कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सरकार की ओर से कहा गया कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन बार-बार के व्यवधान से कामकाज प्रभावित हुआ। वहीं विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने महत्वपूर्ण विषयों पर पर्याप्त चर्चा का अवसर नहीं दिया।
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विशेषज्ञों का मानना है कि बजट सत्र का यह चरण अपेक्षित उत्पादकता हासिल नहीं कर सका। अब सभी की नजरें सत्र के अगले चरण पर टिकी हैं, जहां वित्त विधेयक समेत कई अहम प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। राजनीतिक दलों के रुख से तय होगा कि आगामी चरण सुचारु रूप से चलता है या फिर हंगामे का दौर जारी रहता है।


