नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष Om Birla के खिलाफ प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। इस बीच केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने दावा किया है कि इस मुद्दे पर विपक्षी दलों की एकता में दरार पड़ सकती है। रिजिजू ने कहा कि कुछ दल केवल राजनीतिक संदेश देने के लिए प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई सहयोगी पार्टियां इससे असहज हैं।
रिजिजू ने आरोप लगाया कि लोकसभा अध्यक्ष जैसे संवैधानिक पद को विवाद में घसीटना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष सदन की कार्यवाही को नियमों के तहत संचालित करते हैं और उन पर पक्षपात का आरोप लगाना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, विपक्ष के भीतर इस रणनीति को लेकर मतभेद सामने आ सकते हैं।
विपक्षी दलों का कहना है कि उनका कदम संसदीय प्रक्रिया के तहत है और वे सदन की निष्पक्षता सुनिश्चित करना चाहते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि अविश्वास प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो यह केवल सदन की कार्यवाही ही नहीं, बल्कि विपक्षी गठबंधन की एकजुटता की भी परीक्षा बन सकता है। राजनीति में सिद्धांत और समीकरण अक्सर अलग-अलग दिशाओं में चलते हैं, और आने वाले दिनों में तस्वीर और साफ हो सकती है।


