पश्चिम एशिया में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते निवेशक सतर्क हो गए हैं।
तेल कीमतों में इस तेजी का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। ऊर्जा लागत बढ़ने से महंगाई पर दबाव बढ़ने और परिवहन तथा उत्पादन खर्च में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है। खासतौर पर तेल आयात करने वाले देशों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव जारी रहता है, तो कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऊर्जा बाजार फिलहाल भू-राजनीतिक घटनाओं पर नजर बनाए हुए है और निवेशक सावधानी से फैसले ले रहे हैं।


