तेजी से बढ़ता मोटापा अब केवल डायबिटीज और हृदय रोगों तक सीमित खतरा नहीं रह गया है, बल्कि यह मस्तिष्क (ब्रेन) के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर जोखिम पैदा कर रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, मोटापे से शरीर में सूजन बढ़ती है, जिससे याददाश्त कमजोर होने, एकाग्रता में कमी और भविष्य में डिमेंशिया जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि मोटापा हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाता है, जो सीधे तौर पर ब्रेन तक जाने वाली रक्त आपूर्ति को प्रभावित करता है। इससे स्ट्रोक का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। लंबे समय तक असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधि की कमी दिमागी कार्यक्षमता पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
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डॉक्टरों ने लोगों को समय रहते सतर्क होने की सलाह दी है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण को मोटापे से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका बताया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि वजन नियंत्रित रखना न सिर्फ शरीर, बल्कि दिमाग को भी स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है।


